success story in Hindi for student – भरोसा खुद पर है

success story in Hindi for student – भरोसा खुद पर है

success story in Hindi for student: भरोसा खुदा पर है तो जो लिखा है। तक़दीर में वो ही पाओगे लेकिन भरोसा खुद पर है तो खुदा वो ही लिखेगा  जो तुम चाहोगे।

 

success story in Hindi for student-

हा दोस्तों हमारी आज की एक ऐसी ही कहानी एक ऐसे ही भरोसा पर है। जिसमे एक काम पड़ा लिखा लड़का केवल अपने ही भरोसा पर अरबो की सम्पति खड़ी कर देता है। यकीन मानिये अगर आपने ये कहानी को ध्यान से समझ लिया तो मैं गरंटी लेता हु की आपका भरोसा पहले से ज़्यदा मज़बूत हो जायेगा। अगर आपको इस कहानी से कुछ सीखने को मिले तो हमें कमेंट करके ज़रूर बताना।
ये कहानी जापान के एक छोटे से गाँव की है। जहाँ पर एक किशान के घर जन्मे एक छोटे से बच्चे की है। जिसका नाम कूनुस्के था। जब कूनुस्के 9 बर्ष का था तो उसके पिता को किसी कारण अपना सारा खेत और सारी संपत्ति बेच गाँव छोड़ कर जाना पड़ा।

गाँव छोड़ने के बाद कूनुस्के के पिता और परिवार शहर चले गए बही रहने लगे। और वहां कूनुस्के के पिता कोई छोटा काम करने लगे गरीबी के कारण कूनुस्के को भी अपनी पड़े छोड़ कर काम करना पड़ता था।

कूनुस्के एक साइकिल की दूकान पर काम करता था। उस समय साइकिल की कीमत किसी luxury कार से कम नहीं  थी। कूनुस्के को जब रात को समय मिलता तो वो अपने मालिक के बच्चो को खिलाता किसी कारण बस कूनुस्के के मालिक को भारी नुकशान हुआ और कूनुस्के को जॉब से निकाल दिया।

अब कूनुस्के को जॉब की तलाश थी और उसी समय उकाशा नाम की इलेक्ट्रिक कंपनी खुली उस कंपनी को बरकर की ज़रुरत थी। कूनुस्के ने उस कम्पनी  अप्लाई किया और कूनुस्के को जॉब मिल गई करीब कूनुस्के 5 साल बाद एक इलेक्ट्रिक शर्किट बनाया और अपने बॉस को दिखाया उसके बॉस ने उसके शर्किट को रिजेक्ट कर दिया और कहा की ये तुम्हारा बेकार सा शर्किट कंही नहीं चलेगा। मगर कूनुस्के को अपने शर्किट पर भरोसा था। की  मार्किट में चलेगा। कूनुस्के ने अपनी जॉब छोड़ दी और अपने दोस्तों को बताया मगर किसी भी दोस्त ने उसका साथ नहीं दिया। उसके दोस्त बोले की तेरे इस प्रोजेक्ट को तेरे अनुभवी बॉस ने रिजेक्ट कर दिया तो ये कैसे कामयाब होगा।  कूनुस्के के दोस्तों ने उससे कहा की तू दोबारा बो ही जॉब कर ले मगर  कूनुस्के ने मन कर दिया क्यूंकि उसे अपने प्रोजेक्ट पर पूरा भरोशा था। अब कूनुस्के की शादी हो गई,

कूनुस्के ने अपने घर में ही कुछ ज़रुरत का सामान ला कर अपना काम शुरू कर दिया। जिसमे उसके साथ उसकी पत्नी और उसका छोटा भाई था। अब कूनुस्के अपना माल को खुद भेचने जाता मगर उसका माल कोई नहीं लेता अब कूनुस्के के खाने के लाले पड़ गए गरीबी कुछ ज्यादा ही आ गई।

एक दिन अचानक एक बड़ी कंपनी से कूनुस्के को 100 शॉकिट का आर्डर मिल गया फिर कूनुस्के की कंपनी ने रफ़्तार पकड़ ली और फिर दोवारा नीचे नहीं कूनुस्के की 94 बर्ष की उम्र में देहांत हो गया।

कूनुस्के की कंपनी का नाम Panasonic जो की आज इसका नाम पूरी दुनिया में है।  और ये कंपनी अब 70 billion से भी ज्यादा सम्पति है।

 

दोस्तों आपको हमारी ये success story in Hindi for student पोस्ट कैसी लगी अगर आपने कुछ सीखा हो इस पोस्ट से तो हमे ज़रूर बताना। 

admin

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